Sunday, June 20, 2021

jealousy or revenge

 

"When people talk about the shortcomings  of others with the intention to create a bad image of them or to create cleaveges between people or out of jealousy or revenge, you can take the following steps:
Remember your past failures,
Do not affirm or reject what is being said,
Try to develop indifference about the gossiper,
Refrain from engaging yourself in the mechanism of gossip,
Visualize a five-pointed star on your forehead,
Bless the victim of the gossip in your mind,
Slowly sever relationships with the gossiper,
Never react or act because of gossip. Try to see the facts, the proof,
If you see the facts and proof, take inteligent steps to cure the situation without animosity or feelings of revenge,
Do not engage yourself in any negative conversation."

-Torkom Saraydarian, Obsession and Possession.

#pranichealer #pranichealing #healing #healer #kashi #hinduism #prayers

Sunday, June 6, 2021

दसवें स्थान में ग्रह

 🕉️दसवें स्थान में ग्रह🕉️

 दसम स्थान एक कर्म स्थान होने के कारण एक बहुत ही महत्वपूर्ण स्थान है क्योंकि यह एक कार्यस्थल है। यह संसार कर्मभूमि है और इस कलयुग में कर्म करने के लिए एक व्यक्ति का जन्म होता है। इसलिए, दशम स्थान कार्य स्थान होने से अत्यधिक महत्व प्राप्त करता है। क्या कोई व्यक्ति इस जन्म में उचित कर्म कर पाएगा और उसमें सुधार कर पाएगा, यह केवल दसवें स्थान से जाना जा सकता है। इस दृष्टि से, दसवें स्थान का भाव बहुत महत्वपूर्ण है, क्योंकि व्यक्ति के कर्मों को भाव मध्य स्पष्ट करता है। इसलिए, जब हम कर्म के बारे में बात करते हैं, तो दसवें घर और दसवें स्थान के भावमध्य स्वामी दोनों की गणना करना आवश्यक है। वास्तव में, कर्म के संबंध में, भावधाम स्वामी दसवें स्थान से अधिक महत्वपूर्ण है।

दसम स्थान भी व्यक्ति के व्यवसाय से भी संबंधित है।तथा भावमध्य स्वामी द्वारा अपनाए जाने वाले व्यवसाय का निर्धारण करते है। ग्रह इन दोनों के सापेक्ष व्यक्ति के कार्यों को निर्धारित करते हैं। इसलिए, ग्रहों के संबंध में दसवें स्थान और दसवें घर दोनों का अध्ययन करना आवश्यक है।

‼️दसम भाव गत सूर्य‼️

  सूर्य दसवें स्थान पर दिगबली है,अर्थात जातक को यश कीर्ति व सफलता प्राप्त करने वाला व्यक्ति। प्रसिद्धि, प्रसिद्धि और सफलता देता है। जातक शासकीय आधिकारिक अनुग्रह प्राप्त होगा। 

यदि सूर्य दसवें स्थान अर्थात मेष राशि में उच्च का है, तो यह व्यक्ति को शासन से सम्मान दिलाएगा। यह व्यक्ति को एक निडर आवाज और हावी प्रकृति भी देगा। व्यक्ति एक आधिकारिक मंत्री भी होगा। जातक प्रशासनिक कार्यों में व्यस्त रहेगा। दसवें स्थानगत सूर्य चिकित्सा व्यवसाय से संबंधित होते है। सूर्य के(शक्ति)बलाबल और अन्य ग्रहों पर इसके प्रभाव के अनुसार कार्य की प्रकृति परिवर्तित होगी। व्यक्ति सर्जन,डॉक्टर, एक अस्पताल कर्मचारी या एक पैरामेडिक, आदि से संबंधित हो सकता है, अर्थात्, व्यक्ति की सेवा करने की प्रबल संभावना है, चाहे वह किसी भी क्षेत्र का हो।कार्यप्रणाली नक्षत्र विशेष या राशि विशेष या अन्य ग्रहों के साथ संबंध पर कार्यप्रणाली निर्भर करती है। नवांश का अवलोकन भी आवश्यक है।

 वह व्यक्ति दूसरों का सम्मान करेगा और प्रख्यात पिता की सन्तान होगा और वह पैतृक कार्य करेगा। जातक एक योग्य नेता होगा। उसकी पहचान ईश्वर से की जाएगी। 

‼️दसम भाव गत चंद्र‼️

 चंद्रमा के दसवें स्थान में, चंद्रमा दिग्बली हीन होता है लेकिन अगर यह सुनिश्चित हो तथा स्थान बलि हो तो दसवें स्थान में चंद्रमा की स्थिति व्यक्ति को प्रसिद्धि और प्रसिद्धि प्रदान कर सकती है। 

 यह व्यक्ति को स्थायित्व भी प्रदान करता है। एक व्यक्ति वांछित पदार्थों को प्राप्त करने में सक्षम है। व्यक्ति परिवार और सहयोगियों की मदद से जीवन में सफल भी होगा।  

सारांश में, दसवें स्थान में चंद्रमा अशुभ नहीं है। इस व्यक्ति को कृषि से संबंधित व्यवसाय दिया जाएगा - उद्यान, जड़ी-बूटियाँ, चिकित्सा - विशेष रूप से जड़ी-बूटियाँ, समुद्री उत्पाद या पानी। निसन्देह, यह निर्भर करता है कि राशि चक्र चंद्रमा किस स्थान पर स्थित है।

‼️दसम भाव में मंगल‼️

दसम भाव मे मंगल ग्रह बलि अत्यधिक प्रज्ज्वलित है, क्योंकि यह कालपुरुष के दसवें स्थान में उच्च हो जाता है। यह दसवें स्थान पर दिगबली होते है। व्यक्ति को अधिकार, प्रभुत्व और पद प्रतिष्ठा मिलेगी। जिस क्षेत्र में एक व्यक्ति काम करेगा, वह अन्य ग्रहों के प्रभाव और उस राशि पर निर्भर करेगा जिसमें मंगल स्थित है। किसी व्यक्ति को अपने व्यवसाय में जो भी पद पर रखा जाता है, उसे अधिकार और प्रभुत्व प्राप्त होगा। व्यक्ति प्रतिस्पर्धी उद्देश्यों के लिए प्रयासरत रहेगा।

  यदि दसम स्थान का संबंध मंगल की परिक्रमा करने वाले ग्रहों से है, तो व्यक्ति चक्रवर्ती या उच्च अधिकारी बन सकता है। इस स्थान पर मंगल व्यक्ति को चिकित्सा या सेना से संबंधित कार्य क्षेत्र प्रदान करेगा। 

 दसम स्थान गत मंगल की स्थिति जातक को त्रिस्तरीय शक्तियाँ प्रदान करती है। प्रथम स्तर चिकित्सा क्षेत्र से संबंधित है, दूसरे स्तर में सेना और पुलिस क्षेत्र और तीसरा स्तर प्रशासनिक कार्यों से संबंधित है। सूर्य और अशुभ चंद्रमा के साथ पहले स्तर के मंगल का संबंध व्यक्ति को सर्जन बनाने के लिए आवश्यक है। दूसरे स्तर के मंगल के दसवें स्थान में, जब राहु, शनि और शुक्र से युत होने पर व्यक्ति पुलिस या सेना में सेवा कर रहा होता है। तीसरा स्तर मंगल द्वारा तब प्राप्त होता है जब यह बुध, चंद्रमा, केतु या बृहस्पति से जुड़ा होता है, ताकि किसी व्यक्ति को प्रशासनिक पद पर नियुक्त किया जा सके। शुभ फल प्रदान करने के लिए दसवें स्थान में मंगल पर कोई दोष नहीं होना चाहिए। इसका शुभ कर्तरी में होना विश्वसनीय होगा। 

 दसवें स्थान पर मंगल लग्न, चौथे और पांचवें स्थान को देखता है। यह मंगल की इस स्थिति को सर्वश्रेष्ठ स्थान की स्थिति के अलावा सबसे अच्छी स्थिति बनाता है, जो नकारात्मक रूप से शुभ हो। 

 दसवें स्थान में मंगल सकारात्मक रूप से शुभ है। 

 (मंगल राज योग, स्वतंत्र रूप से दसवें स्थान पर स्थित है।) बृहस्पति या शनि का संबंध एक अच्छा राज योग होगा, शुक्र या बुध का संयोजन धन प्रदान करेगा, लेकिन सूर्य और चंद्रमा का संयोजन अशुभ माना जाता है ।‼️दसम भाव गत बुध‼️

 बुध दसम स्थान में शुभ नहीं होता है। व्यक्ति वाणिज्यिक बाधाओं से पीड़ित होगा। जातक अपने व्यवसाय के शीर्ष तक पहुंचने में असमर्थ होगा। इसके विपरीत सामाजिक जीवन बेहतर होगा।दसम स्थान पर बुध के लोग व्यभिचारी हो सकते हैं। व्यक्ति का जीवन में उनत्ति करते हेतु अनैतिक साधनों का प्रयोग कर सकता है, जो फिर भी अप्राप्य रहेगा।

व्यक्ति गुरु के प्रति कृतज्ञता अनुभव नहीं करेगा।यह जातक को अपयशीदायी हो सकता है क्रमशः..................

      

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Wednesday, June 2, 2021

हथेली_के_अध्ययन_में_क्रॉस_का_चिन्ह

 💐ॐ।।जय माता दी ।।ॐ💐

           #हथेली_के_अध्ययन_में_क्रॉस_का_चिन्ह


..✍️बहुत महत्वपूर्ण माना जाता है। क्रॉस की विशेषताएँ तारे के विपरीत हैं और यह कभी कभार ही शुभ संकेत के रूप को दर्शाता है। यह मुसीबत, निराशा, खतरा और कभी कभी जीवन में संकट का संकेत देता है। क्रॉस के लक्षण विभिन्न पर्वतों और रेखाओं की स्थिति पर निर्भर करते हैं। विभिन्न पर्वतों और रेखाओं पर अपनी स्थिति के आधार पर क्रॉस के कुछ सामान्य लक्षण नीचे प्रदान किये गये हैं।


::::::::::::::::::गुरु पर्वत पर क्रॉस:::::::::::::

✍️हथेली मे गुरु पर्वत पर स्थित क्रॉस शुभ संकेत की ओर इंगित करता है। व्यक्ति के जीवन में कम से कम एक बार उसे किसी का स्नेह अवश्य मिलेगा।


 ::::::::::::::शनि पर्वत पर क्रॉस:::::::::::::

✍️यह दुर्घटना के द्वारा एक हिंसक मृत्यु के संकट की चेतावनी देता हैं। लेकिन जब यह पर्वत के केंद्र में स्थित हो तो व्यक्ति के जीवन में भाग्यवादी की प्रवृत्ति को बढाता है।


:::::::::::::::::::सूर्य पर्वत पर क्रॉस:::::: :::

✍️सूर्य पर्वत पर स्थित क्रास संकट को दर्शाता है, यह व्यक्ति को प्रसिद्धि, कला या धन की खोज में निराशाजनक संकेत देता है।


 ::::::::::::::::::::बुध पर्वत पर क्रॉस::::::::::

✍️इस पर्वत पर क्रॉस व्यक्ति की बेईमान प्रकृति को दर्शाता है। व्यक्ति अच्छे मस्तिष्क होने के बावजूद दोहरी प्रकृति का होता है।


::::::::::::::::::मंगल पर्वत पर क्रॉस:::::::::::

✍️यह व्यक्ति मे शत्रु और चोटों के कारण संकट को दर्शाता है। यह संघर्ष, झगड़े और हिंसा द्वारा मृत्यु का भी संकेत देता है।


:::::::::::::::::चंद्रमा पर्वत पर क्रॉस::::::::::

✍️यदि चंद्र पर्वत पर क्रॉस स्थित है तो व्यक्ति कल्पना से प्रभावित रहेगा। व्यक्ति सदैव सपनों की दुनिया मे रह कर अपने को धोखा देगा


:::::::::::::::::शुक्र पर्वत पर क्रॉस:::::::::::

✍️जब क्रास इस पर्वत पर स्थित हो तो कुछ संकट या प्रेम संबंध मे कष्ट का संकेत देता है। लेकिन जब यह जीवन रेखा के करीब हो तो व्यक्ति को संकट और मुसीबत अपने घनिष्ठ रिश्तेदारों द्वारा प्राप्त होती है

हाथ की विभिन्न रेखाओं पर क्रॉस


✍️यदि क्रास भाग्य रेखा के किनारे की ओर स्थित हो तो व्यक्ति को कैरियर मे रिश्तेदारों का विरोध और भविष्य में कठोर परिवर्तन का संकेत है। जब यह मस्तिष्क रेखा को छूती है तो यह मस्तिष्क पर चोट या दुर्घटना की भविष्यवाणी करता है। यदि क्रास सूर्य रेखा के किनारे स्थित हो तो यह पद और प्रसिद्धि प्राप्त करने में निराशा को दर्शाता है। यदि यह भाग्य रेखा की ओर हो तो दर्शाता है कि धन प्राप्ति मे निराशा मिलेगी और जब यह हृदय रेखा पर स्थित हो तो किसी प्रिय की मृत्यु का संकेत देता है।

 

Saturday, January 9, 2021

Sleeping rules

 Sleeping rules !!!!!!!

 1. * Slept and uninhabited * Should not sleep alone in the house.  Should not sleep in * Dev Temple * and * Crematorium *.  * (Manusmriti) *

 2. A sleeping person should not wake up * suddenly *.  * (Vishnusmriti) *

  3. * Students, servants and gatekeepers * If they have been asleep for a long time, then they should wake them up.  * (Chanakyanite) *

 4. A healthy person should get up in Brahmamuhurt * for protection.  * (Goddess Bhagwat) * Absolutely * Darkness * Do not sleep in the room.  * (Padmapuran) *

  5. * Wet * feet should not sleep.  * Dry feet * Gold brings Lakshmi (wealth).  * (Atrismriti) * On the broken cot and * hemped mouth * Gold is forbidden.  *(Mahabharata)*

 6. * "Naked / Nude" * Should not sleep.  * (Gautam Dharma Sutra) *

  7. Heading towards the east, sleeping with gold * learning *, heading towards west, sleeping with * strong anxiety *, facing towards north, sleeping * loss and death * and sleeping with head facing south * wealth and age *  Is attained  * (Pickle) *

  8. Never sleep during the day.  But in * Jyeshtha month * one can sleep for 1 Muhurta (48 minutes) in the afternoon.  (Diseases are caused by sleeping in the day and age is degraded)

  9. In the daytime and at the time of * sunrise and sunset * the sleeping patient becomes poor and impoverished.  * (Brahmavaivartpurana) *

 10. One should do * sleeping * only after one stroke of sunset (about 3 hours).

 11. Sleeping on the left side is beneficial for * health *.

 12. Should never sleep with feet * in the south direction.  The abode of Yama and the evil gods * resides.  Fills air in the ears.  The circulation of blood in the * brain * goes low, memory - corruption, death and many diseases occur.

 13. Do not sleep by placing your hand on the heart, under the roof * beam or beam * and on the foot.

 14. Sitting on the bed * eating and drinking * is inauspicious.

 15. One should not * read * while sleeping.  * (Doing so reduces the eye light) *

 16. Gold is * inauspicious * by applying * tilak * on the frontal.  So remove the tilak at bedtime.

 * A follower of these 14 rules becomes famous, healthy and longevity. *

 Note: - Try to spread this message to the masses.  So that everyone benefits




Saturday, August 22, 2020

'अच्छाई' अलट-पलट कर वापस आती है!!

 'अच्छाई' अलट-पलट कर वापस आती है!!

ब्रिटेन के स्कॉटलैंड में फ्लेमिंग नाम का एक गरीब किसान था। एक दिन वह अपने खेत पर काम कर रहा था। अचानक पास में से किसी के चीखने की आवाज सुनाई पड़ी । किसान ने अपना साजो सामान व औजार फेंका और तेजी से आवाज की तरफ लपका।

आवाज की दिशा में जाने पर उसने देखा कि एक बच्चा दलदल में फँस गया है । । वह बालक कमर तक कीचड़ में फंसा हुआ बाहर निकलने के लिए संघर्ष कर रहा था। वह डर के मारे बुरी तरह कांप पर रहा था और चिल्ला रहा था।

किसान ने आनन-फानन में पेड़ की एक लंबी टहनी निकाली। अपनी जान पर खेलकर उस टहनी के सहारे बच्चे को बाहर निकाला। अगले दिन उस किसान की छोटी सी झोपड़ी के सामने एक शानदार गाड़ी आकर खड़ी हुई।उसमें से कीमती वस्त्र पहने हुए एक सज्जन उतरे

उन्होंने किसान को अपना परिचय देते हुए कहा- "मैं उस बालक का पिता हूं और मेरा नाम राँडॉल्फ चर्चिल है।"

फिर उस अमीर राँडाल्फ चर्चिल ने कहा कि वह आपके द्वारा मेरे बच्चे को बचाने के अहसान का बदला चुकाने आए हैं ।

फ्लेमिंग नामक उस किसान ने उन सज्जन को ऊपर से नीचे देखा और उसके ऑफर को ठुकरा दिया ।
 उसने कहा, "मैंने जो कुछ किया उसके बदले में कोई पैसा नहीं लूंगा। किसी को बचाना मेरा कर्तव्य है, मानवता है , इंसानियत है और उस मानवता-इंसानियत का कोई मोल नहीं होता ।"

इसी बीच फ्लेमिंग का बेटा झोपड़ी के दरवाजे पर आया।
उस अमीर सज्जन की नजर अचानक वहाँ गई तो उसे एक विचार सूझा।
उसने पूछा - "क्या यह आपका बेटा है ?"

किसान ने गर्व से कहा- "हां !"

उस व्यक्ति ने अब नए सिरे से बात शुरू करते हुए किसान से कहा- "ठीक है अगर आपको मेरी कीमत मंजूर नहीं है तो ऐसा करते हैं कि आपके बेटे की शिक्षा का भार मैं अपने ऊपर लेता हूं । मैं उसे उसी स्तर की शिक्षा दिलवाने की व्यवस्था करूंगा जो अपने बेटे को दिलवा रहा हूं। फिर आपका बेटा आगे चलकर एक ऐसा इंसान बनेगा , जिस पर हम दोनों गर्व महसूस करेंगे।"

किसान ने सोचा, "मैं  अपने पुत्र को उतनी उच्च शिक्षा दिला पाऊंगा या  नहीं और ना ही इतनी सारी सुविधाएं जुटा पाऊंगा, जिससे कि यह बड़ा आदमी बन सके । अतः इस प्रस्ताव को स्वीकार कर लेना श्रेयस्कर है।"

बच्चे के भविष्य की खातिर फ्लेमिंग तैयार हो गया ।अब फ्लेमिंग के बेटे को सर्वश्रेष्ठ स्कूल में पढ़ने का मौका मिला। आगे बढ़ते हुए उसने लंदन के प्रतिष्ठित सेंट मेरीज मेडिकल स्कूल से स्नातक डिग्री हासिल की।

फिर किसान का यही बेटा पूरी दुनिया में "पेनसिलिन" का आविष्कारक महान वैज्ञानिक सर अलेक्जेंडर फ्लेमिंग के नाम से विख्यात हुआ।

यह कहानी यहीं खत्म नहीं होती! कुछ वर्षों बाद, उस अमीर के बेटे को निमोनिया हो गया,
और उसकी जान पेनसिलीन के इंजेक्शन से ही बची।

उस अमीर राँडाल्फ चर्चिल के बेटे का नाम था- विंस्टन चर्चिल , जो दो बार ब्रिटेन के प्रधानमंत्री रहे !

हैं न आश्चर्यजनक संयोग...

इसलिए ही कहते हैं कि व्यक्ति को हमेशा अच्छे काम करते रहना चाहिए। अच्छा कार्य कहीं भी, कभी भी किया जा सकता है, और उसके लिए कोई भी मुहूर्त निकालने की जरूरत नहीं होती है क्योंकि हमारे द्वारा किया हुआ काम अंततः लौटकर हमारे ही पास आता है ! यानी 'अच्छाई' अलट-पलट कर वापस आती रहती है!  सच में मानवता की दिशा में उठाया गया प्रत्येक कदम हमारी स्वयं की चिंताओं को कम करने में मील का पत्थर साबित होगा।      

आज कोई नेक काम जरूर करना जी। और विश्वास से कह सकता हूँ कि उसका कई गुणा लाभ हमको वापस अवश्य मिलेगा...

सुप्रभातम!!

वैदिक घड़ी देखिये आपकी घड़ी क्या कहती है


वैदिक घड़ी
       देखिये आपकी घड़ी क्या कहती है

◆ 12:00 बजने के स्थान पर आदित्या: लिखा हुआ है, जिसका अर्थ यह है कि सूर्य 12 प्रकार के होते हैं...।

अंशुमान, अर्यमन, इंद्र, त्वष्टा, धातु, पर्जन्य, पूषा, भग, मित्र, वरुण, विवस्वान और विष्णु...।

◆ 1:00 बजने के स्थान पर ब्रह्म लिखा हुआ है, इसका अर्थ यह है कि ब्रह्म एक ही प्रकार का होता है।
एको ब्रह्म द्वितीयो नास्ति...।

◆ 2:00 बजने की स्थान पर अश्विनौ लिखा हुआ है जिसका तात्पर्य यह है कि अश्विनी कुमार दो हैं।

◆ 3:00 बजने के स्थान पर त्रिगुणा: लिखा हुआ है, जिसका तात्पर्य यह है कि गुण तीन प्रकार के हैं।

सतोगुण, रजोगुण और तमोगुण।

◆ 4:00 बजने के स्थान पर चतुर्वेदा: लिखा हुआ है, जिसका तात्पर्य यह है कि वेद चार प्रकार के होते हैं।

ऋग्वेद, यजुर्वेद, सामवेद और अथर्ववेद।

◆ 5:00 बजने के स्थान पर पंचप्राणा: लिखा हुआ है, जिसका तात्पर्य है कि प्राण पांच प्रकार के होते हैं।

अपान, समान, प्राण, उदान और व्यान

◆ 6:00 बजने के स्थान पर षड्र्सा: लिखा हुआ है, इसका तात्पर्य है कि रस 6 प्रकार के होते हैं।

मधुर, अमल, लवण, कटु, तिक्त और कसाय

◆ 7:00 बजे के स्थान पर सप्तर्षय: लिखा हुआ है इसका तात्पर्य है कि सप्त ऋषि 7 हुए हैं।

कश्यप, अत्रि, भारद्वाज, विश्वामित्र, गौतम, जमदग्नि और वशिष्ठ

◆ 8:00 बजने के स्थान पर अष्ट सिद्धिय: लिखा हुआ है इसका तात्पर्य है कि सिद्धियां आठ प्रकार की होती है।

अणिमा, महिमा, लघिमा, गरिमा, प्राप्ति, प्राकाम्य, इशित्व और वशित्व

◆ 9:00 बजने के स्थान पर नव द्रव्यणि अभियान लिखा हुआ है इसका तात्पर्य है कि 9 प्रकार की निधियां होती हैं।

पद्म, महापद्म, नील, शंख, मुकुंद, नंद, मकर, कच्छप, खर्व

◆ 10:00 बजने के स्थान पर दशदिशः लिखा हुआ है, इसका तात्पर्य है कि दिशाएं 10 होती है।

पूर्व, पश्चिम, उत्तर, दक्षिण, ईशान, नैऋत्य, वायव्य, आग्नेय, आकाश, पाताल

◆ 11:00 बजने के स्थान पर रुद्रा: लिखा हुआ है, इसका तात्पर्य है कि रुद्र 11 प्रकार के हुए हैं।

कपाली, पिंगल, भीम, विरुपाक्ष, विलोहित, शास्ता, अजपाद, अहिर्बुध्न्य, शम्भु, चण्ड और भव

सनातन धर्म मे प्रत्येक वस्तु कुछ न कुछ अवश्य सिखाती है...😊

सत्य सनातन धर्म की जय
🙏🕉️

jealousy or revenge

  "When people talk about the shortcomings  of others with the intention to create a bad image of them or to create cleaveges between p...